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पापा की याद


    बात उस समय की है जब मैं अपनी पढाई करने के लिये अपने घर से दूर एक हॉस्टल में आकर रहने लगी थी इससे पहले मैं अपने घर से इस तरह से कभी दूर नही हुई थी , ऐसे में घर की याद आना तो स्वाभाविक था , घर की याद करते हुए मैं अक्सर रोने लगा करती थी तभी मैंने अपने पापा की याद करके कुछ लिखा था जो आज मैं फादर्स डे के अवसर पर उनको सुनना चाहूँगी ..... love u so much papa n happy father's day


 

पापा जब तुम आओगे
और मुझको गले लगाओगे
कहीं रो न दूँ मैं तुम्हें देखकर
ये सोंच के तुम घबराओगे
पापा जब तुम आओगे ....
अपनी लाडो को यूँ देखकर 
प्यारी मुस्कान तो लाओगे 
गर आ भी गये दो आँसू छल से 
फिर मुझसे नजर चुराओगे 
पापा जब तुम आओगे .....
क्या लाओगे साथ तुम अपने 
मेरे लिये कुछ खाने को 
बस दे देना एक मुस्कान सुहानी 
तुम अपना हाल बताने को 
माँ कैसी है ये बतलाना 
कैसा है गाँव मेरा 
ठीक नहीं होगा फिर पापा 
गर मुझसे कुछ छुपाओगे !!
पापा जब तुम आओगे 
                         और मुझको गले लगाओगे .....!!                      

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