1902 का साल यूं तो आम ही था मगर वो खास तब बन गया था। जब लाल बहादुर शास्त्री जैसी शख्सियत का जन्म हुआ था। बनारस के मुगलसराय की धरती भी जश्न मना रही थी उस दिन। जब उसके यहां लाल बहादुर जैसा लाल आया था। छोटा कद सामान्य व्यक्तित्व होने की वजह से शास्त्री जी लोग को कमज़ोर समझने लगते थे। मगर शास्त्री जी ने अपनी काबिलियत से सबके मुंह बंद करवा दिए। सामान्य जीवन जीने वाले शास्त्री जी आज एक मिसाल बन चुके हैं हम सबके लिए। आज आम आदमी नाम की एक पार्टी बन चुकी है। मगर आम आदमी का जीवन जीना शायद आज भी नहीं आया किसी नेता को। आम आदमी का जीवन संघर्षों से भरा होता है। इस समाज में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जो अपने सिंघासन को दरकिनार करते हुए आम आदमी की जिंदगी जीना चाहेगा। जो मिलने वाली हर सुविधा को न स्वीकार करके आम आदमी बनेगा। ऐसे ही महान थे हमारे देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी। सादगी ही जिनका जीवन परिचय रहा और ईमानदारी उनका व्यक्तित्व। 2 अक्टूबर गांधी जयंती के नाम से सबको याद रहता है। मगर इसी दिन एक और महान आत्मा ने धरती पर जन्म लिया था। वो थे लाल बहादुर शास्त्री जी। ...