बेटी का ब्याह करने का सपना अपने मन में लिए हर माँ बाप जी रहा होता है. वही माँ बाप अपनी बेटी का ब्याह करने के बाद अपने आपको धन्य समझने लगता है क्यूंकि उनकी लाडो अब किसी और के घर की मालकिन बनने तथा किसी और का घर सम्भालने को तैयार होती है. यही सोंचकर माँ बाप भी अपनी बेटी को ख़ुशी ख़ुशी विदा कर देते हैं.
ठीक ही कहा गया है की -
आंसूओं की एक बूँद सी होती हैं बेटियां
दो दो कुलों के बोझ को ढोती हैं बेटियां
बोये जाते हैं बेटे पर उग आती हैं बेटियां
हीरा अगर है बेटा तो मोती है बेटियां










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