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हिंदी हैं हम में हिंदी का विस्तार

राजभाषा हिंदी विश्व की तीसरी और भारत में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। हिंदी का इतना महत्व होता जा रहा है कि हिंदी को इंटरनेट से जोड़े बिना उसे व्यक्ति से नहीं जोड़ा जा सकता है। इसी कारण इंटरनेट ने हिंदी को आधिकारिक भाषा के रूप में अपना लिया है। शायरी हो या लेख हो या फिर कविता ही क्यूँ न हो। उसे हर व्यक्ति सोशल मीडिया पर लिखकर बयां कर रहा है। जिसकी वजह है व्यक्ति को अपने भावों को व्यक्त करने के लिए अपने अनुरूप भाषा का मिल पाना। यही कारण है सोशल मीडिया पर हिंदी की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है। उत्तर भारत से ताल्लुक रखने वाला हर व्यक्ति सोशल मीडिया पर अपनी बात कहने के लिए हिंदी का बखूबी प्रयोग कर रहा है। जब से इंटरनेट पर हिंदी कीबोर्ड की सुविधा उपलब्ध हुई है तब से किसी व्यक्ति में ज़रा सी भी साहित्यिकता थी, वह उभरकर सामने आ रही है। हिंदी पढ़ने व समझने में आसान है जिससे व्यक्ति दूसरों के लेख पढ़कर भी खुद को उनसे जुड़ा हुआ महसूस करने लगता है। लिखना और आसान तब हो गया जब हिंदी विकिपीडिया की शुरुआत हुई। 2003 में आया हिंदी विकिपीडिया हिंदी भाषा का ही संस्करण है। आंकड़ों के अनुसार 2018 में हिंदी विकिपीडिया पर लेखों की संख्या 1,26,552 है। हिंदी विकिपीडिया लेखों की संख्या के आधार पर विश्व मे 264वें स्थान पर है। एक शोध के अनुसार 1 दिसंबर 2015 तक हिंदी विकिपीडिया पर पंजीकृत सदस्यों की संख्या 1,00,000 से अधिक है। परिणामस्वरूप व्यक्ति गूगल पर हर जानकारी को अपनी भाषा हिंदी में प्राप्त कर सकता है।

हिंदी भाषी लोगों के लिए रास्ते और भी आसान तब हो गए जब से यूनिकोड जैसा एप्पलीकेशन आया। यूनिकोड विश्व की सभी भाषाओं के अक्षरों व चिन्हों को इनकोड करके कम्प्यूटर के लिए आसान बनाता है। भारत में 22 प्रकार की मेजर भाषाएँ हैं। इन सभी भाषाओं के चिन्हों को कम्प्यूटर नहीं समझ पाता। जिसके लिए यूनिकोड जैसे एप्पलीकेशन की शुरुआत हुई।

वैश्विक स्तर पर हिंदी के प्रसार की बात करें तो संयुक्त राष्ट्र ने हिंदी बुलेटिन की शुरुआत की है। जिसका प्रसारण वह सप्ताह में एक दिन करेगा। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने हिंदी को वैश्विक पटल पर डालकर उसे राष्ट्रभाषा का दर्जा दिलाने की बात कही। अगर भारत की बात करें तो सोशल मीडिया आने के बाद हिंदी का उपयोग और ज़्यादा होने लगा है। अब देखना ये होगा क्या हिंदी विदेशों में अपनी वही जगह बना पायेगी जो हिंदुस्तान में है।


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