कैसे बताऊँ मैं तुम्हें
क्या हो तुम मेरे लिये ....
तुम ही मेरा अभिमान हो
तुम ही मेरा ईमान भी तुम मेरे मन की सुन्दरता
तुम ही मेरे जहान हो
कैसे बताऊँ मैं तुम्हें
मैं तो हूँ तेरा एक टुकड़ा
तुम मेरे भगवान हो
पूजा करती मैं हरपल तेरी
मेरा तुम वरदान हो
मैं तो हूँ तेरी परछाईं
तुम मेरा सम्मान हो
कैसे बताऊँ मैं तुम्हें
तुम मेरे भगवान हो
पूजा करती मैं हरपल तेरी
मेरा तुम वरदान हो
मैं तो हूँ तेरी परछाईं
तुम मेरा सम्मान हो
कैसे बताऊँ मैं तुम्हें
नयनों के सपने हो तुम ही
बचपन का वो प्यार हो
सारा जग तुमसे है रौशन
ममता की वो धार हो .....
कैसे बताऊँ मैं तुम्हें
क्या हो तुम मेरे लिये .....!!
बचपन का वो प्यार हो
सारा जग तुमसे है रौशन
ममता की वो धार हो .....
कैसे बताऊँ मैं तुम्हें
क्या हो तुम मेरे लिये .....!!

Bahut khub ..👌
ReplyDeleteखूबसूरत
ReplyDeleteThank u ....
ReplyDelete